I-PAC Director Arrested by ED: पश्चिम बंगाल कोयला तस्करी मामले में आई‑पैक के निदेशक को ईडी ने किया गिरफ्तार

Rate this post

I-PAC Director Arrested by ED की खबर ने विधानसभा चुनाव से ठीक पहले राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में हलचल मचा दी है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पश्चिम बंगाल के करोड़ों रुपये के कोयला तस्करी मामले में इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी (I‑PAC) के एक निदेशक को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी चुनावी माहौल के बीच हुई है, जिससे इस मामले की संवेदनशीलता और बढ़ गई है।

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

ईडी ने आई‑पैक के निदेशक विनेश चंदेल को दिल्ली से गिरफ्तार किया। अधिकारियों के अनुसार, विनेश चंदेल पर पश्चिम बंगाल में अवैध कोयला तस्करी से जुड़े धन के लेन‑देन में शामिल होने का आरोप है। इससे पहले 2 अप्रैल को प्रवर्तन निदेशालय ने दिल्ली स्थित उनके आवास पर व्यापक तलाशी अभियान चलाया था, जिसमें कई अहम दस्तावेज और डिजिटल सबूत जब्त किए गए थे।

20 करोड़ रुपये की कोयला तस्करी और आई‑पैक से कनेक्शन

ईडी सूत्रों के मुताबिक, पश्चिम बंगाल में हुई करीब 20 करोड़ रुपये की कोयला तस्करी की राशि का एक हिस्सा आई‑पैक तक पहुंचा। जांच एजेंसी का दावा है कि यह पैसा अवैध गतिविधियों से आया और राजनीतिक रणनीति व प्रबंधन के लिए इस्तेमाल किया गया। इसी संदिग्ध वित्तीय लेन‑देन के आधार पर ईडी ने आई‑पैक के निदेशक को गिरफ्तार किया।

यह भी सामने आया है कि कोयला तस्करी के इस नेटवर्क में कई स्तरों पर पैसे का आदान‑प्रदान हुआ, जिसकी परतें अब धीरे‑धीरे खुल रही हैं। ईडी इस बात की जांच कर रही है कि तस्करी का पैसा किन‑किन खातों और माध्यमों से घूमकर आई‑पैक तक पहुंचा।

तीन अधिकारियों को ईडी का नोटिस

इस मामले में ईडी ने आई‑पैक से जुड़े तीन वरिष्ठ लोगों – प्रतीक जैन, ऋषि राज सिंह और विनेश चंदेल को नोटिस जारी किया था। प्रतीक जैन और ऋषि राज सिंह को 30 अप्रैल के बाद दिल्ली हाईकोर्ट में पेश होने का आदेश दिया गया है।

हालांकि, एक संबंधित सुनवाई के दौरान अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल सुप्रीम कोर्ट के एक अन्य मामले में व्यस्त होने के कारण पेश नहीं हो सके। इस केस से जुड़ी अगली सुनवाई 17 अप्रैल को दिल्ली हाईकोर्ट में निर्धारित है।

देशभर में ईडी की छापेमारी

कोयला तस्करी के पैसों का हिसाब लगाने के लिए ईडी ने 8 जनवरी को देशभर में 10 स्थानों पर एक साथ छापेमारी की थी। इनमें कोलकाता के लाउडन स्ट्रीट स्थित प्रतीक जैन का आवास, और सॉल्ट लेक सेक्टर‑5 में आई‑पैक का कार्यालय भी शामिल था।

सबसे पहले ईडी की टीम सेक्टर‑5 स्थित आई‑पैक ऑफिस पहुंची, जहां कई घंटों तक दस्तावेजों की जांच की गई। इसके बाद दूसरी टीम लाउडन स्ट्रीट में बहुमंजिला इमारत की चौथी मंजिल पर स्थित प्रतीक जैन के फ्लैट पर पहुंची और विस्तृत तलाशी ली।

तलाशी के दौरान राजनीतिक हलचल

छापेमारी के दौरान एक अप्रत्याशित घटनाक्रम देखने को मिला, जब मुख्यमंत्री ममता बनर्जी स्वयं मौके पर पहुंचीं। बताया जाता है कि वह कुछ दस्तावेज अपने साथ लेकर बाहर निकलीं, जिसके बाद ईडी ने चोरी और साक्ष्य से छेड़छाड़ जैसे गंभीर आरोप लगाए। यह मामला अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुका है और इसकी सुनवाई 15 अप्रैल को होनी है।

गिरफ्तारी से पहले ममता बनर्जी का बयान

आई‑पैक के निदेशक की गिरफ्तारी से ठीक एक दिन पहले, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने खंडाघोष की एक बैठक में अप्रत्यक्ष रूप से इस कार्रवाई के संकेत दिए थे। उन्होंने कहा था,

“टेक केयर, अपनी खुफिया जानकारी का इस्तेमाल करो। मैंने सुना है कि ऑपरेशन आज आधी रात से शुरू होगा।”

उनके इस बयान के बाद सोमवार को हुई गिरफ्तारी ने राजनीतिक चर्चाओं को और तेज कर दिया।

आगे क्या?

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि कोयला तस्करी से जुड़े करोड़ों रुपये आखिर कहां‑कहां गए और इसमें कौन‑कौन शामिल है। ईडी इस मामले में अपनी जांच को और तेज कर रही है, जबकि आई‑पैक और इससे जुड़े लोगों की कानूनी मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं।

I-PAC Director Arrested by ED मामला आने वाले दिनों में न केवल कानूनी बल्कि राजनीतिक रूप से भी बड़ा मोड़ ले सकता है, खासकर उस समय जब राज्य में चुनावी सरगर्मियां चरम पर हैं।

📢 सरल हिंदी में धार्मिक व उपयोगी जानकारी पाने के लिए हमारे साथ जुड़ें

अगर आप ऐसी ही सरल और भरोसेमंद हिंदी भाषा में जानकारी सबसे पहले पाना चाहते हैं, तो हमारे WhatsApp ग्रुप से जरूर जुड़ें 👇

🔹 WhatsApp चैनलJoin करें
🔹 Facebook PageFollow करें
🔹 Twitter (X) चैनलFollow करें
🔹 Google News पर हमें Follow करें